वो दिल्ली की कॉन्फरन्स में मिले! बीस सालों के बाद...
दोनो लंच के बाद गार्डन मे बैठे थे. उसने पुछाँ. ''तू मुझें तब लाईक करता था क्या?''
उसने अचरज भरी निगाहोंसे उस देखाँ.
उस सवाल के साथ उसके सामने खड़ी बीस साल की पहेली बुझ गई थी.
तब उसने फिजिक्स की किताब मे छुपाकर उसे लव्हलेटर भेजा था. उसका कभी जवाब नहीं अाया. अब उसे एहसास हुअा के उसने वो खत पढ़ा ही नहीं था.
वो भूल गया था की She hates physics!
दोनो लंच के बाद गार्डन मे बैठे थे. उसने पुछाँ. ''तू मुझें तब लाईक करता था क्या?''
उसने अचरज भरी निगाहोंसे उस देखाँ.
उस सवाल के साथ उसके सामने खड़ी बीस साल की पहेली बुझ गई थी.
तब उसने फिजिक्स की किताब मे छुपाकर उसे लव्हलेटर भेजा था. उसका कभी जवाब नहीं अाया. अब उसे एहसास हुअा के उसने वो खत पढ़ा ही नहीं था.
वो भूल गया था की She hates physics!
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