तुझे चिठ्ठी लिखते समय
नज़ाकत से पेश अाता हूँ
तुझे कोसना भी हो तो
बड़े लिहाज रखता हूँ
दिल के काँटे अल्फाजों को ना छुए
ये पुरी कोशिश है मेरी
क्या करू?
अाजकल तुझे लिखी हुई चिठ्ठीया
कोई मेरे दिल के पतें पर छोड जाया करता है!
नज़ाकत से पेश अाता हूँ
तुझे कोसना भी हो तो
बड़े लिहाज रखता हूँ
दिल के काँटे अल्फाजों को ना छुए
ये पुरी कोशिश है मेरी
क्या करू?
अाजकल तुझे लिखी हुई चिठ्ठीया
कोई मेरे दिल के पतें पर छोड जाया करता है!
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