Wednesday, July 4, 2018

सानी

तू सानी मै पानी

तू रंग मिला तो हो जाऊँ रंगीन तू नाव छोडें तो गहरा समंदर 

तू प्यासा हो तो हो जाऊँ दर्या तू रोक ले
तो बन जाऊँ झील

तू धूँप दे
तो खिल जाऊँ
हवाँसा चले
तो डोल जाऊँ

चल हर डगर 
मेरे हमसफ़र
रह साथ तू
बन राहबर

ये लौ बुझें
तो सँभाल तू
फडफडाए तू
तो मै सँभाल लू

मेरे शाद की
मेरे ख्बाब की
हर याद की
दरकार तू

ना ख्वाहिश कोई
ना माँग है
राग़बत मेरी
बेदाग है

ना पाऊँ तुझे
तो गम नही
बस साथ चल
तू साथ चल

दर्या के उस
किनारें सही
पर साथ चल
तू साथ चल

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