Thursday, July 12, 2018

ड्रॉप

कंधे की बॅग अॅडजस्ट करते हुए उसने अॉफिस की लिफ्ट का बटन दबाया. कुछ देर मे जुहु के टॅप रेस्टों मे सतीश वर्मा की पार्टी थी. 'जाने में कम से कम अाधा घंटा!' उसने मन ही मन मे ट्रॉफिक का कॅल्क्युलेशन करते हुए लिफ्ट मे कदम रखा.
''समीर...!''
नये मार्केटींग मॅनेजर की अावाज अाई. उसने तपाक से दरवाजे पर हात रख दिया. वो साडी को संभालते हुए अंदर अा गई. लिफ्ट निंचे जाने लगी.
'साली साड़ी मे गहजब लगती है. कॉन्फरन्स रूम मे मॉर्निंग मिटिंग मे ये जब हाँथ मे मार्कर लिए बात करती है तो जी चाहता है के खा जाऊँ इसे बस! अगर ये इतनी खडूस मिजाज की ना होती ना तो...''
''Can you drop me till my home? My car broke down.''
''अ... Where exactly?''
''Kandiwali, Thakur village!''
मतलब उलटी दिशा मे? इस वक्त? ट्रॅफिक, मेट्रो का चलता काम, मुंबई की बारीश... उसके अाँखो के सामने से छोटासा स्लाईडशो चल गया! वो उसके जवाब के इंतजार मे उसे देख रही थी.
''Yes Yes... Sure Madam!'' वो उसके कजरारे नैनो को देख हडबडाकर बोला.
'हाय ये नज़र...'' वो निचे देख के बुदबुदाया.
वो पिछेले सीट पर बैठी. गाडी गड्डे अौर ट्रॅफिक मे उटपटांग टर्न लेती हुई उसकी बाईक अागे बढ़ने लगी.
''यहाँ से नहीं, यहाँ से लेना.'' वो पिछे से बता रहीं थी.
'अब यहाँ भी मॉनेटरींग करेगी क्या?' उसके माथा फिर गया.
बारीश शुरू हुई. शर्ट भीगी. तब उसे पता चला की उसका हाँथ उसके कंधे को पकडे हुए है. पतली भिगी शर्ट मानो गायब हो चुकी हो. उसे थंड लगने लगी.
''Mam, कहीं रूके?''
''नही.''
'साली, थोडी मेरी भी तो फिक्र कर!'
गाडी मिलेनियम टॉवर के निचे रूकी तब दोनो अच्छे खाँसे भीग चुके थे. बारीश रूकने का नाम ना ले रही थी.
''Thank you.''
उसने स्माईल देकर किक मारी.
''Wanna have coffee? तुम्हारे कपडे...''
''No No! Thanks for the offer. But I need to reach somewhere.''
''Are you sure? The rain is quite heavy. You can wait for a while.'' कजरारे नैन बोल पड़े.
''.... No... Really.... Thanks again.'' उसके लफ्जों मे हिचकिचाहट थी.

वो टॅप रेस्टों पहुँचा तब तक शर्मा पुरा टुन हो चुका था.
''अबे चुतिये! ये अाने का टाईम है क्या?'' रीटाने पुँछा.
''तेरी वो खडूस बॉस रागिनी मिल गई यार! उसे कांदिवली तक छोड़ना पडा!''
''अब इस फेवर के बदले प्रमोशन मिलेगी तुझे.'' रीटाने गिलास मूँह को लगाते कहाँ.
''वो क्या प्रमोशन देगी? मुझे कॉफी पे निपटा रही थी. मख्खीचूस!"
''Coffee? Strange! She hates coffee!'' रीटा चली गई.
इक पल के लिए उसकी अाँखे चमकी. उसने गाडी की चाबी उठाकर बाहर दौड लगाई...

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