इक दिन गाँव मे
अासमान का चाँद
जमिन पर उतर अाया
दुसरे दिन हर मोहल्ले मे
मुशायरों की गुंज थी
मेरी भी इक नज्म
बडी पसंद अाई लोगो को
उसकी वाहवा की अाड मे
रश्क-ए-कमर के दिदार भी हुए थे
फिर कई सालों बाद...
इक दिन शहर मे देखा
चाँद फिर जमिन पर उतर अाया था
दुसरे दिन अख़बार के किसी पन्ने पर
न्यूज छप गई थी
फेसबुक-ट्विटर पर भी हुई थी
उस चाँद की नुमाईशे
गौर किजिएगा जनाब
मेरी पोस्ट को पाचसौ लाईक्स मिले है!
अासमान का चाँद
जमिन पर उतर अाया
दुसरे दिन हर मोहल्ले मे
मुशायरों की गुंज थी
मेरी भी इक नज्म
बडी पसंद अाई लोगो को
उसकी वाहवा की अाड मे
रश्क-ए-कमर के दिदार भी हुए थे
फिर कई सालों बाद...
इक दिन शहर मे देखा
चाँद फिर जमिन पर उतर अाया था
दुसरे दिन अख़बार के किसी पन्ने पर
न्यूज छप गई थी
फेसबुक-ट्विटर पर भी हुई थी
उस चाँद की नुमाईशे
गौर किजिएगा जनाब
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