रूक जा, जरा ठहर जा
थोडी साँस तो लेने दे
तेरे तखय्युल से
ठिक से बात तो होने दे
ये जल्दी क्यों है तुझें?
मुझे पुरा करने की
ये दरकार क्यों पाली है तुने?
मुझे अंजाम देने की?
पता है नज़्म हूँ तेरी
अधुरी चुभती हूँ तुझे
पर जब तू मुझे पुरा करके
दुसरी नज़्मो के पास जाता है ना...
अल्फाजों की कसम,
बड़ा अधुरा अधुरा सा लगता है
थोडी साँस तो लेने दे
तेरे तखय्युल से
ठिक से बात तो होने दे
ये जल्दी क्यों है तुझें?
मुझे पुरा करने की
ये दरकार क्यों पाली है तुने?
मुझे अंजाम देने की?
पता है नज़्म हूँ तेरी
अधुरी चुभती हूँ तुझे
पर जब तू मुझे पुरा करके
दुसरी नज़्मो के पास जाता है ना...
अल्फाजों की कसम,
बड़ा अधुरा अधुरा सा लगता है
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