अाज पापा कुछ सितारे तोड लाये थे मेरे लिए
रंगबिरंगी, छोटे-मोटे, कितने सारे प्यारे प्यारे
हररोज की तरह...
मुझे खुद की गोद मे बिठाए
इक इक सितारा दिखा रहे थे वो
सितारे... मेरी समझ के परे
पर दिखने मे बडे लुभावने
हररोज की तरह...
अाठ बज गए...
मुन्नीऽऽऽ
माँ ने अावाज दी
देखा तो उसके हाँथ मे थी
मेरे खाने की थाली
मै गोद से उतरकर
छोटे छोटे कदम ले कर चल पडी
हर रोज की तरह...
अचानक से पैरोतले जमीन खिसकी
मै हवाँ मे उठी
बस कुछ पल
अौर मै खिडकी मे थी बैठी
सामने पापा थे
जुबान पर थी इक कहानी
अौर अाज हाथ मे थी इक थाली
वही...
जो हर रोज माँ के हाँथ होती है
अब सामने सचमुच के सितारें थे
साथ मे रोशन चाँद था
इर्द गिर्द कुछ परियाँ थी
साथ मेरी किलकारीयाँ थी
पापा के कुछ सपने भी थे
पर हाँथो मे नन्हे निवाले थे
परदे के पिछे माँ थी
चेहरे पर उसके अचरज था
अाँखो मे छोटी खुशीयाँ थी
ऐसी खुशी...
मानो कोई दोस्त मिल गया हो
मुझे तो बडा मजा अाया!
माँ की खुशी कभी कम ना हो
पापा के सितारे कही गुम ना हो
दोनो की जिम्मेदारीयों मे ना हो कोई भेद
नया नया ये दोस्ताना उनका...
कभी खत्म ना हो!
रंगबिरंगी, छोटे-मोटे, कितने सारे प्यारे प्यारे
हररोज की तरह...
मुझे खुद की गोद मे बिठाए
इक इक सितारा दिखा रहे थे वो
सितारे... मेरी समझ के परे
पर दिखने मे बडे लुभावने
हररोज की तरह...
अाठ बज गए...
मुन्नीऽऽऽ
माँ ने अावाज दी
देखा तो उसके हाँथ मे थी
मेरे खाने की थाली
मै गोद से उतरकर
छोटे छोटे कदम ले कर चल पडी
हर रोज की तरह...
अचानक से पैरोतले जमीन खिसकी
मै हवाँ मे उठी
बस कुछ पल
अौर मै खिडकी मे थी बैठी
सामने पापा थे
जुबान पर थी इक कहानी
अौर अाज हाथ मे थी इक थाली
वही...
जो हर रोज माँ के हाँथ होती है
अब सामने सचमुच के सितारें थे
साथ मे रोशन चाँद था
इर्द गिर्द कुछ परियाँ थी
साथ मेरी किलकारीयाँ थी
पापा के कुछ सपने भी थे
पर हाँथो मे नन्हे निवाले थे
परदे के पिछे माँ थी
चेहरे पर उसके अचरज था
अाँखो मे छोटी खुशीयाँ थी
ऐसी खुशी...
मानो कोई दोस्त मिल गया हो
मुझे तो बडा मजा अाया!
माँ की खुशी कभी कम ना हो
पापा के सितारे कही गुम ना हो
दोनो की जिम्मेदारीयों मे ना हो कोई भेद
नया नया ये दोस्ताना उनका...
कभी खत्म ना हो!
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