तुम जब भी मुझसे मिल कर जाते हो अपनी सारी खुशबू मेरे बदन पर छोड कर जाते हो अब मैं न्हा भी लु तो मैं जानती हूं कै रोज तक ये खुशबू कही नहीं जाने वाली...
- शायरा
No comments:
Post a Comment