Sunday, February 12, 2023

ठंड़ बहोत है...

तुम अगर आज़, यहाँ, इस वक्त़ मौजूद होते
तो झट से गले लगा लेता तुम्हें
तुम्हारे दिल की गर्मी से
थोड़ा सेंक लेता मै खुद़ को
आज़कल एहसासों की दुनियाँ में
ठंड़ बहोत है...

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