Saturday, April 22, 2023

मन्नत

कभी कभी लगता है तू मेरा वो पल है, जिस मे मै समा चुका हूँ.
मै तुझ से होकर गुजर नहीं सकता,
मै तुझे पिछे छोड कर आगे बढ नहीं सकता, ये अच्छा लगता है मुझे!
मै कहीं भी जाता हूँ तो मेरी रुह मेरे साथ साथ चलती है. बस तू वैसी सी है मेरे लिए.
तेरा खयाल जुदा नहीं होता मुझ से
जागते, सोते, सपने देखते, काम करते, हर जगह तू होती ही है. कई रुप और रंग मे!
तू दूर है तो दर्द उठता है सिने मे. पर ये दर्द जुदा होने का नहीं. तू जुदा नहीं है मुझ से.
ये दर्द है तू पास ना होने का,
तुझे हरदम महसूस ना कर पाने का...
तू बडी खास, बडी अजीज है मेरे लिए. मै प्यार करता हूँ तुझ से.
मै किसी भगवान को नहीं मानता. फिर भी इस ईद पर मै अल्लाह से मन्नत के तौर पर तुझे मांगना चाहूंगा...

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