Thursday, April 13, 2023
बिनमौसम बरसात
ये कल और आज की
बिनमौसम बरसात
ये कोई इत्तेफाक नहीं है
इस कायनात पर भी होने लगा है
मेरे एहसासों का असर
इसी लिए तो
यूँ ही मचलने लगता है आसमान
बरसने लगते है बादल
जब तेरी याँद मे
मेरा दिल सहमने लगता है
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment