Saturday, May 28, 2011

कोई फरीयाद...

कोई फरीयाद तेरे दिल मे दबी हो जैसे
कोई फरीयाद तेरे दिल मे दबी हो जैसे
तुने ऑंखो से कोई बात कही हो जैसे
जागते जागते इक उम्र कटी हो जैसे
जागते जागते इक उम्र कटी हो जैसे
जान बाकी है मगर सॉंस रूकी हो जैसे

हर मुलाकात पे महसूस यही होता है
हर मुलाकात पे मेहसूस यही होता है
मुझसे कुछ तेरी नजर पुँछ रही हो जैसे

राह चलते हुवे अक्‍सर ये गुमान होता है
राह चलते हुवे अक्‍सर ये गुमान होता है 
वो नजर चुपके मुझे देख रही हो जैसे 
वा नजर चुपके मुझे देख रही हो जैसे

एक लम्‍हें मे सिमट आया सदीयों का सफर 
एक लम्‍हें मे सिमट आया सदीयों का सफर
जिंदगी तेज बहोत तेज चली हो जैसे 
जिंदगी तेज बहोत तेज चली हो जैसे 

इस तरहा पेहरो तुझे सोचता रेहता हुँ मै
इस तरहा पेहरो तुझे सोचता रेहता हूँ मै 
मेरी हर सॉंस तेरे नाम लिखी हो जैसे
मेरी हर सॉंस तेरे नाम लिखी हो जैसे 

कोई फरीयाद तेरे दिल मे दबी हो जैसे
तुने ऑंखो से कोई बात कही हो जैसे
जागते जागते इक उम्र कटी हो जैसे
जान बाकी है मगर सॉंस रूकी हो जैसे 


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