सपने टुटे
चिखे चिल्लाए
दुनिया की खामोशी मे
किसी ने ना सुने
जख्म तडपे
दिनदहाडे
सारी खुली ऑंखो से
ओझल रहे
झुलसती रही
हर सोच मेरी
मंजिले चढती रही
बेफिक्रीयोंकी
और कोशिशो की
आहटे
रोंदी गई
कुचली गई...
दुनियोवालो
ना दीया करो
मेरी हैवानीयत को
खुदा का वास्ता
यू डराना
खुद की औलाद को
ये अच्छी बात
नही होती!
चिखे चिल्लाए
दुनिया की खामोशी मे
किसी ने ना सुने
जख्म तडपे
दिनदहाडे
सारी खुली ऑंखो से
ओझल रहे
झुलसती रही
हर सोच मेरी
मंजिले चढती रही
बेफिक्रीयोंकी
और कोशिशो की
आहटे
रोंदी गई
कुचली गई...
दुनियोवालो
ना दीया करो
मेरी हैवानीयत को
खुदा का वास्ता
यू डराना
खुद की औलाद को
ये अच्छी बात
नही होती!
No comments:
Post a Comment